10 और सरकारी कंपनियों का होगा निजीकरण

सरकार तेजी से निजीकरण और विनिवेश की ओर बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष के लिए विनिवेश लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के 10 और सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश करने की योजना बना रही है। इसके लिए पूर्ण निजीकरण का रास्ता अपनाया जा सकता है या सरकार न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानकों के तहत इसमें अपना हिस्सा रखेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, नीति आयोग और दीपम, जो विनिवेश के लिए जिम्मेदार है, संयुक्त रूप से इस विषय पर एक रोडमैप तैयार करेगा। आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के 7 उपक्रमों- एनएलसी, केआईओसीएल, एसजेवीएन, हुडको, एमएमटीसी, जीआईसी और न्यू इंडिया इंश्योरेंस पर चर्चा की गई है। माना जा रहा है कि वित्त वर्ष 2021-22 और वित्त वर्ष 2023-24 के बीच सरकार तीन और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ विनिवेश की ओर कदम बढ़ाएगी। इसके लिए IRFC, RVNL और Mazagan Dock के नाम सामने आ रहे हैं। सरकार इन तीन सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम से कम कर देगी।