मीडिया रिलीज- चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 21 का परिणाम वित्त वर्ष 2021 में 48 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पीबीटी (कर पूर्व लाभ) रु. 6,292 करोड़ और 33 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पीएटी (कर के बाद लाभ) रु. 5,049 करोड़

वित्त वर्ष 21
 247 एमएमटी वॉल्यूम का कार्गो माल संभाला, 11 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की।
 कंटेनर वॉल्यूम 7.2 मिलियन टीईयूएस (TEUs) पर, मार्केट शेयर में 5 प्रतिशत से 41 प्रतिशत का सुधार।
 कुल राजस्व रु. 12,550 करोड़ पर , 6 प्रतिशत की वृद्धि।
 कुल ईबीआईटीडीए (एबिटा) रु. 8,063 करोड़ पर, 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
 48 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पीबीटी रु. 6,292 करोड़ और 33 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पीएटी रु. 5,049 करोड़।
 रु. 5,800 करोड़ का फ्री कैश फ्लो, 7 प्रतिशत की वृद्धि।
 सितंबर 20 में 3.4x की तुलना में ईबीआईटीडीए (एबिटा) के लिए नेट ऋण मार्च 21 में 3.3x सुधरा।

मई 4, 2021। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड), भारत में सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी और अडानी समूह की हिस्सा ने आज 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए वित्त वर्ष और चौथी तिमाही के लिए अपने ऑपरेशनल और फायनेंशियल परफॉर्मेंस की घोषणा की है।
फायनेंशियल हाईलाइट्स:-

विवरण (राशि करोड़ में.)
वित्त वर्ष 21
वित्त वर्ष 20 वृद्धि
(Y o Y) Q4
वित्त वर्ष 21 Q4
वित्त वर्ष 20 वृद्धि
(Y o Y)
कार्गो (एमएमटी में) 247* 223 11% 73* 58 27%
ऑपरेटिंग रैवन्यू 12,550 11,873 6% 3,608 2,921 24%
समेकित ऑपरेटिंग एबिटा 8,063 7,565 7% 2,287 1,644 39%

पोर्ट रैवन्यू 10,739 9,613 12% 3,123 2,402 30%
पोर्ट एबिटा 7,560 6,593 15% 2,166 1,530 42%
पोर्ट एबिटा मार्जिन 70% 69% 69% 64%
फारेक्स मार्क टू मार्केट- हानि/ (लाभ) (715) 1,626 (24) 1,004
पीबीटी 6,292 4,244 48% 1,539 257 499%
पीएटी 5,049 3,785 33% 1,321 340 288%

एम एंड ए हाईलाइट्स – वित्त वर्ष21:

• अप्रैल 21 में, एपीएसईजेड ने कृष्णापटनम पोर्ट में 25% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। अधिग्रहण के वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है।

• मार्च 21 में, एपीएसईजेड ने गंगावरम पोर्ट में 100% हिस्सेदारी के अधिग्रहण की भी घोषणा की। अधिग्रहण के वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है।

• लेन-देन के पूरा होने पर, कृष्णापट्टनम पोर्ट और गंगावरमपोर्ट दोनों एपीएसईजेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक होंगी।
ऑपरेशनल हाइलाइट्स – वित्त वर्ष 21 (वाई ओ वाई)
• एपीएसईजेड ने मार्केट में बेहतर प्रदर्शन किया और 11 प्रतिशत की वृद्धि की, कंटेनर में 16 प्रतिशत की वृद्धि और ड्राई बल्क कार्गो में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एपीएसईजेड ने 247 एमएमटी का एक रिकॉर्ड दर्ज किया और 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25% का मार्केट शेयर हासिल किया।
• भारतीय तटरेखा में एपीएसईजेड बंदरगाहों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। पूर्वी तट के बंदरगाहों में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई, पश्चिमी तट में आस-पास के प्रमुख बंदरगाहों की तुलना में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
• एपीएसईजेड ने वर्ष के दौरान उच्चतम कंटेनर मात्रा 7.2 मिलियन टीईयूएस को संभाला और 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 41 प्रतिशत का मार्केट शेयर हासिल किया। मुंद्रा पोर्ट भारत में सबसे बड़ा कंटेनर हैंडलिंग पोर्ट बना हुआ है और 5.66 एमएन टीईयूएस को संभाला है, जो जेएनपीटी से लगभग एक मिलियन टीईयूएस अधिक है।
• कंटेनर ग्रोथ में वृद्धि के लिए टॉप ग्लोबल शिप लाइनर्स के साथ जॉइंट वेंचर्स और एन्नोर और कृष्णापटनम जैसे कंटेनर हैंडलिंग पोर्टस के अधिग्रहण करने की हमारी रणनीति अहम रही।
• वित्त वर्ष 2021 में दस नई कंटेनर सेवाओं को जोड़ा गया, जिनमें चार मुंद्रा में और हजीरा, कट्टुपल्ली और एन्नोर में प्रत्येक में दो हैं, जिसमें 8००,००० टीईयूएस प्रतिवर्ष जुड़ेंगे।
• मुंद्रा बंदरगाह भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है, जिसमें 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और कंटेनर वॉल्यूम में 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 144 एमएमटी के रिकॉर्ड कार्गो को संभाला है।
• इस परफॉर्मेंस ने, मुंद्रा बंदरगाह और कांडला बंदरगाह के बीच अंतर किया, दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह औरअधिक चौड़ा हो गया है। मुंद्रा पोर्ट 23 प्रतिशत आगे है।
• धामरा बंदरगाह में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और 32 एमएमटी की रिकॉर्ड वॉल्यूम को संभाला।
• अप्रैल 21 में अडानी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड ने अपनी सप्लाई चेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ई-कॉमर्स प्रमुख फ्लिपकार्ट के साथ एक रणनीतिक और वाणिज्यिक साझेदारी की घोषणा की।
• इस साझेदारी के हिस्से के रूप में, अडानी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड मुंबई में अपने आगामी लॉजिस्टिक्स हब में अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाकर 534,000 वर्ग फुट का एक विशाल केंद्र का निर्माण करेगा। केंद्र में किसी भी बिंदु पर विक्रेताओं की इन्वेंट्री की 10 मिलियन इकाइयों को रखने की क्षमता होगी और 2022 की तीसरी तिमाही तक शुरू हो जाएगा। केंद्र कई हजारों विक्रेताओं, एमएसएमई को बाजार पहुंच का सहयोग करेगा और क्षेत्र के लिए स्थानीय रोजगार को बढ़ाएगा और 2500 प्रत्यक्ष रोजगार और अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन करेगा।

फायनेंशियल हाईलाइट्स – वित्त वर्ष 21 (वाई ओ वाई )

परिचालन और बंदरगाह राजस्व:

• वित्त वर्ष 2021 में, कुल ऑपरेटिंग रैवन्यू वित्त वर्ष 20 में रु. 11,873 करोड़ की तुलना में 6 प्रतिशत बढ़कर रु. 12,550 करोड़ हो गया। पोर्ट रैवन्यू 12 प्रतिशत बढ़कर रु. 10,739 करोड़ हुआ और कार्गो में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लॉजिस्टिक्स से रैवन्यू रु. 958 करोड़ रहा।

एबिटा #:

• कार्गो वॉल्यूम में वृद्धि, परिचालन क्षमता ने पोर्ट एबिटा को 15 प्रतिशत वृद्धि के वित्त वर्ष 20 में रु. 6,593 की तुलना में वित्त वर्ष 21 में रु. 7,560 करोड़ किया।

• संसाधनों के इष्टतम उपयोग और परिचालन दक्षता के कारण वित्त वर्ष 21 के लिए पोर्ट एबिटा मार्जिन 100 बीपीएस बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया।

• लॉजिस्टिक कारोबार ने वित्त वर्ष 21 में रु. 226 करोड़ रुपए के एबिटा की सूचना दी है और 24 प्रतिशत के एबिटा मार्जिन को बनाए रखा।

बैलेंस शीट और कैश फ्लो-

• वित्त वर्ष 21 में, एबिटा का नेट ऋण 3.3 गुना था और सितंबर 2020 में 3.4 गुना की तुलना में 3 से 3.5 गुना की निर्देशित सीमा के भीतर था। यह केपीसीएल एबिटा के बाद समेकन के होने के कारण है।

• कार्यशील पूंजी परिवर्तन के लिए समायोजित करने के बाद परिचालन से फ्री कैश फ्लो, कैपेक्स और शुद्ध ब्याज लागत में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो वित्त वर्ष 20 में रु. 3,942 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 21 में रु. 5,800 करोड़ रहा। इस प्रक्रिया में वित्त वर्ष 20 में 52 % की तुलना में फ्री कैश कन्वर्जन 72 प्रतिशत रहा।

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और एपीएसईजेड के पूर्णकालिक डायरेक्टर श्री करण अडानी ने बताया कि वित्त वर्ष 2017 एपीएसईजेड के लिए एक परिवर्तनकारी वर्ष रहा है। इस साल हमने जो कुछ अहम फैसले लिए हैं, उन्होंने आने वाले दशक की नींव रखी है। हमारे ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण ने हमारे लिए अच्छे परिणाम प्राप्त किए हैं, क्योंकि मार्केट में हमारी हिस्सेदारी पैन इंडिया में 4 प्रतिशत बढ़ी है। मुंद्रा बंदरगाह, जो देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है। इस साल भी देश में जेएनपीटी को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह बन गया है। हम अपनी लागत को मौलिक रूप से पुनर्गठित करने में भी सक्षम रहे हैं और अपने पोर्ट मार्जिन को 70 प्रतिशत तक ले जाते हुए एबिटा मार्जिन में 1 प्रतिशत की वृद्धि का प्रदर्शन करने में सक्षम थे। जिस विकास पक्ष का उपयोग हमने इस बार चार बड़े अधिग्रहणों यानी कृष्णपट्टनम बंदरगाह, गंगावरम बंदरगाह को पूरा करने में किया। दिघी बंदरगाह और सरगुजा रेल लाइन, हमारे कुल पोर्टफोलियो को देश के 13 बंदरगाहों तक ले जाती है। उक्त निवेश का कुल मूल्य रु .6,000 करोड़ था। हम कोलंबो बंदरगाह में कंटेनर टर्मिनल में प्रवेश करके अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा में एक और मील का पत्थर कदम रखने में सक्षम हो गए हैं। इन कदमों के साथ हम सही दिशा में एपीएसईजेड को एक पोर्ट कंपनी से ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी तक ले जाने के लिए सही दिशा में हैं, जो हमारे ग्राहकों को लॉजिस्टिक सॉल्यूशन दे रही है।

लॉजिस्टिक्स बिजनेस में, हम अपने रेलवे रोलिंग स्टॉक व्यवसाय को बड़े पैमाने पर बनाने और विविधता लाने में सक्षम हैं। भारतीय रेलवे के जनरल पर्पस वैगन इन्वेस्टमेंट स्कीम (जीपीडब्लूआईएस) में हाल के बदलावों ने हमारे थोक ग्राहकों को न केवल बंदरगाहों से बल्कि खदानों से भी सेवा देने का अवसर दिया है। हम खदानों से कच्चे माल के परिवहन के लिए 16 नई रैक संचालित करने के लिए अनुबंध जोड़ने में सक्षम थे। वित्त वर्ष 21 ने ई-कॉमर्स की ओर भी बदलाव देखा है और इसलिए बड़े प्रारूप ग्रेड ए गोदामों के लिए मांग बढ़ने की दिशा में एक मौलिक बदलाव है। अडानी लॉजिस्टिक्स ने इस क्षेत्र में कदम रखा है और आने वाले 5 वर्षों में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा प्लेयर बनने का सपना है। हमने अगले 5 वर्षों में 30 मिलियन वर्ग फुट की वेयरहाऊसिंग कैपासिटी का निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वित्त वर्ष 21 में हमने रेलवे ट्रैक बिजनेस के एक नए वर्टिकल को भी सेटअप किया है। सरगुजा रेल (एसआरसीपीएल) के अधिग्रहण और एपीएसईजेड के भीतर अन्य रेलवे पटरियों के पुनर्गठन के साथ हमने भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी करने और पीपीपी मॉडल के तहत रणनीतिक रेल लाइनों में निवेश करने की नींव रखी है। इसके साथ हमने भारत की पहली निजी क्षेत्र की रेलवे ट्रैक एसेट कंपनी बनाई है।

वित्त वर्ष 22 में, हमारे आंतरिक अनुमानों के अनुसार हम कार्गो वॉल्यूम के लिए 310-320 एमएमटी की सीमा में रहते हैं, इसमें वित्त वर्ष 22 की चौथी तीमाही में गंगावरम बंदरगाह के 10 एमएमटी शामिल हैं। समेकित राजस्व रु .6,000 करोड़ से रु. 16,800 करोड़ तक की सीमा में होना चाहिए। समेकित एबिा रु. 10,200 करोड़ से रु. 10,700 करोड़ तक की सीमा में होना चाहिए और फ्री कैश फ्लो रु. 5,500 करोड़ से रु. 6,000 करोड़ तक की की सीमा में होना चाहिए।

इस सब के साथ एपीएसईजेड वास्तव में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक यूटिलिटी बनने के साथ 500 एमएमटी कार्गेा कैपासिटी हासिल करने और वित्त वर्ष 25 तक 20 प्रतिशत से अधिक आरओसीई प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है।