महाराष्ट्र में आज रात 8 बजे से 1 मई तक ‘लॉकडाउन’, राज्य में लगाई गई कड़ी पाबंदी

महाराष्ट्र में आज रात 8 बजे से 1 मई तक ‘लॉकडाउन’, राज्य में लगाई गई कड़ी पाबंदी

मुंबई:- जावेद लोधिया

महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन लगाने का आदेश दे दिया गया है।
महाराष्ट्र में कोरोना से हालात बेकाबू हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में पाबंदियों को बढ़ा दिया है। यह पाबंंदियां देश में लगे पहले लॉकडाउन के बराबर ही है। महाराष्ट्र में गुरुवार रात आठ बजे से एक मई तक यह पाबंंदियां लगी रहेंगी।
‘ब्रेक द चेन’ नाम से जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी सरकारी दफ्तर केवल 15 प्रतिशत कर्मचारियों की मौजूदगी के साथ चलेंगे। कोविड-19 मैनेजमेंट वाली संस्थाओं को इस मामले में छूट रहेगी।

महाराष्ट्र सरकार की नई गाइडलाइन

सरकारी ऑफिस में सिर्फ 15 % कर्मचारी ही रह सकते हैं। पहले ये संख्या 50 प्रतिशत थी।

शादी में सिर्फ 25 लोग शामिल हो सकते हैं और शादी समारोह सिर्फ दो घंटे का होगा।

इस नियम को तोड़ने वाले को 50 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।

सरकारी बस 50 प्रतिशत की कैपेसिटी पर चलेगी।

खड़े रहकर सफर करने पर रोक लगा दी गई है।

महाराष्ट्र में अब बिना वैलिड रीजन के एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करने पर कार्रवाई होगी।

यात्रा करने के लिए लोकल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (LDA) से अनुमति लेनी होगी।

लोकल ट्रेन से यात्रा करने के लिए भी जरूरत बतानी होगी।

लोकल ट्रेन में अत्यावश्यक सेवा से जुड़े लोग या मेडिकल इमरजेंसी में उसके डॉक्यूमेंट दिखाकर ही मिलेगा टिकट।

राज्य में बीते 24 घंटे में कोरोना से 568 लोगों की मौत हुई है, जबकि 67,468 नए मरीज मिले। राज्य में एक दिन में मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।

राज्य में कड़ी पाबंदी के बाद, यानी 15 अप्रैल से संक्रमण के मामलों में कोई कमी नहीं देखने की मिली है। सोमवार के आंकड़े को छोड़ दें तो उससे पहले लगातार चार दिनों से आंकड़े 60 हजार को पार कर रहे थे। सोमवार को कम संख्या आने के पीछे बड़ी वजह रविवार को हुई कम टेस्टिंग थी।

10वीं की परीक्षा रद्द, 12वीं पर फैसला जल्द

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पाबंदियां और बढ़ा दी हैं। राज्य में जरूरी सामान की दुकानें अब सुबह 7 से 11 बजे तक केवल चार घंटे खुली रहेंगी। महामारी के बढ़ते असर को देखते हुए स्टेट बोर्ड की 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, जबकि 12वीं की परीक्षाओं के बारे में सरकार अगले महीने फैसला करेगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने बताया, ‘विद्यार्थियों का मूल्यांकन कर उन्हें नंबर दिए जाएंगे। IIT-JEE और NEET परीक्षा का टाइम टेबल देखकर 12वीं की परीक्षा के बारे में फैसला किया जाएगा।’